कोरोना corona covid19 का उत्तराखंड में असर effect – casesstudy

आज हम बात करेंगे उत्तराखंड Uttarakhand में कोरोना corona कोविड-19 के विषय में-
कोविड-19 एक तरह का संक्रमण है जोकि स्वस्थ मनुष्य को अस्वस्थ बीमार व मृत्यु का कारण भी बन सकता है
उत्तराखंड पहाड़ों से गिरा हुआ क्षेत्र है जोकि हिमालय पर्वत श्रृंखला के नजदीक बसा हुआ है उत्तराखंड में पहाड़ी लोग अपनी खेती और अपनी दैनिक दिनचर्या में व्यस्त रहते हैं उत्तराखंड मैं गढ़वाली और कुमाऊनी भाषा बोली जाती है।
कोरना कोविड-19 के असर की अगर बात करें तो यह संक्रमण उत्तराखंड मैं बाहर से आने वाले लोगों के कारण है यह बीमारी चीन से शुरू होकर आज पूरे विश्व के देशों को अपने आगोश में ले चुकी है।
उत्तराखंड Uttarakhand में कोरोनावायरस के मरीजों patient की संख्या numbers लगभग 10 के आंकड़े को छूने की संभावना है
कोराना कोविड-19 से बचने के लिए उत्तराखंड के लोग अपने घरों में बैठे हैं।
उत्तराखंड में राजनीतिक दलों का कोविड-19 को रोकने हेतु प्रयास- कोविड-19 के लक्षणों से बचने के राजनीतिक दल भी लगे हुए हैं भारतीय जनता पार्टी(BJP) तो बूथ स्तर तक लोगों को सहायता देने के लिए कार्यकर्ताओं को जोड़ना प्रारंभ कर दिया है वही अन्य राज्य दलों की बात करें तो वह भी जनता के मध्य जाकर लोगों को सैनिटाइजर वह मास्क वितरित कर रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी के लोग मोदी टिफन के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को भोजन की व्यवस्था कर रहे हैं।
सरकारी सुविधाएं – सरकारी सुधार की बात करें तो लोगों को राशन 3 महीने की निशुल्क उपलब्ध करा दी गई है जहां तक उज्जवला गैस कनेक्शन की बात है तो उनको फ्री में 3 महीने तक सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है मजदूरों के खातों में सीधा पैसा ट्रांसफर किया जा रहा है मनरेगा कि मजदूरी मैं ₹20 का इजाफा कर ₹202 प्रतिदिन कर दिया है।


राज्य के बाहर फंसे लोगोंको lockdown से निकालने हेतु सरकार की तरफ से कई प्रयास किए गए जैसे 31 मार्च 2020 को समस्त राज्य में परिवहन की सेवा खुली हुई थी किंतु केंद्र द्वारा इस पर पूर्ण रूप से पाबंदी लगा दी गई ताकि संक्रमण को एक जगह से दूसरी जगह फैलने से रोका जा सके।  सरकार अपने स्तर पर पूर्ण रुप से संक्रमण को रोकने के इंतजाम कर रही है।