How buransh squash made – juice step by step

Buransh squash –

Buransh Squash Manufacturing Steps – Buransh is a golden red flower, also known as a Himalayan rose flower. Buransh trees are found in the middle of the Banj trees. The Buransh flower blooms from April to May. It blooms at a height of 2000 to 3500 meters above sea level.
Buransh juice is full of medicinal properties. The method of making bursa juice is very easy. The method of making juice is shown below –

  • Step I – Take Buransh flower’s leaf.
  • Step II– Now give a little bit of water in the Vessel and let it cook in a low flame.
  • Step III – Cover Vessel with the lid, Gradually, the color of the flowers will start coming out.
  • Step IV – Gradually the color of the water will start red. And the color of the flowers will turn white.
  • Step V – If the color of all the flowers is white then take them out of the vessel or separate them.
  • Step VI – Now add 1/4 sugar in the remaining red water. And cook this solution
  • Final Method to leave – When the color is thickened, let the juice cool down by closing the flame.

Now, after cooling, the prepared juice can be mixed in water (1 part juice and 4 part water in the glass) and drink.

Bournsh juices can be found in the market, Which is sold in bottles. At present, there are many such brands in Uttarakhand, whose beautiful flavor juice is available in the market. Apart from tiredness in the summer, all the juices are also very important in terms of health.


About Buransh (Hindi) – 

बुरांस एक सूंदर लाल रंग का फूल है. बुराँस को स्थानीय भाषा में हिमालय का गुलाब का फूल भी कहा जाता है। बुराँस के पेड़ बाँज के पेड़ों के बीच में पाए जाते हैं। बुरांस फूल अप्रैल माह से लेकर मई जून के बीच में खिलते हैं. यह समुद्र तल से 2000 से 3500 मीटर की ऊंचाई वाले स्थानों पर खिलते हैं.
बुरांस का जूस औषधि गुणों से भरपूर होता है. बुरांस के जूस को बनाने की विधि बहुत ही आसान है। जूस बनाने की विधि को नीचे दर्शाया गया है –

Buransh juice Steps Hindi  – 

  • विधि प्रथम – सर्व-प्रथम बुरांस के फूलो को एक पतीले में ले ले।
  • विधि द्वितीय – अब पतीले में हल्का सा पानीडाल दे व धीमी आंच में पकने दे।
  • विधि तृतीय – अब पतीले तो ढक्कन से ढक दे। ऐसा करने पर जल्दी औरअच्छी तरह से फूल अपना रंग निकालते है।
  • विधि चतुर्थ – धीरे- धीरे पानी का रंग लाल होना प्रारम्भ हो जाएगा। और फूलो का रंग सफेद होने लागेगा।
  • विधि पंचम – यदि सभी फूलो का रंग सफेद हो गया हो तो उनको छलनी के माध्यम से निकाल लें या अलग कर दे। अब बचे हुए लाल पानी में 1 /4 चीनी मिला ले। और इस घोल को पकाएं।
  • विधि छटवी – जब रंग गाड़ा हो जाए तो आंच को बंद कर जूस को ठंडा होने दे।
  • अब ठंडा होने पर तैयार जूस को पानी में मिला कर पी सकते है।

बाजार में मिलने वाले बुरांस जूस को बोतलों में भर कर बाजार में बेचा जाता है। वर्तमान समय में उत्तराखंड में कई ऐसे ब्रांड है जिनका बुरांस का जूस बाजार में उपलब्ध है। सभी जूस गर्मियों में थकान मिटाने के अलावा भी स्वास्थ्य की दृस्टि से भी काफी महत्वपूर्ण हैं.